उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट नवंबर में शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।
नवंबर में बंद होंगे कपाट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तुंगनाथ धाम में अब तक 1.10 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या बढ़ रही है। यात्रियों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। तुंगनाथ धाम के कपाट आगामी 6 नवम्बर को बंद होने हैं। उम्मीद की जा रही है कि कपाट बंद होने तक तुंगनाथ यात्रा इस वर्ष अब तक का नया रिकॉर्ड बना सकती है।
भगवान शिव के भुजाओं की होती है पूजा
तुंगनाथ पर्वत पर स्थित इस मंदिर की ऊंचाई 3640 मीटर है। समुद्रतल से 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ एशिया महाद्वीप का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय है। तुंगनाथ मंदिर पंचकेदार (तुंगनाथ, केदारनाथ,मध्य महेश्वर, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर) में सबसे ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि इसी स्थान पर शिवजी भुजा रूप में विद्यमान हैं। इसलिए प्राचीनकाल के इस मंदिर में भगवान शिव के भुजाओं की पूजा होती है।