उत्तराखंड: देवभूमि के पंचकेदार: दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ, जहां होती है शिवजी की भुजाओं की पूजा, CM धामी ने दिए दर्शन के लिए खास संदेश

​उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल तृतीय केदार तुंगनाथ धाम आस्था का केंद्र है। रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित श्री तुंगनाथ मंदिर पंच केदार यात्रा का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है।

कहीं यह बात

मान्यता है कि इस पावन धाम में भोलेनाथ की भुजाओं की पूजा की जाती है। जिस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर श्री तुंगनाथ मंदिर का एक भव्य वीडियो शेयर करते हुए इसकी महत्ता पर जोर दिया है। उन्होंने लिखा कि रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित भगवान शिव को समर्पित श्री तुंगनाथ मंदिर पंचकेदार में से एक है। हिमालय की मनोरम पर्वत शृंखलाओं के मध्य अवस्थित यह पावन धाम आध्यात्मिक आस्था, सनातन परंपरा और अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम संगम है। देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा के दौरान श्री तुंगनाथ धाम के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।

​दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर

​रुद्रप्रयाग जिले में 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है। तुंगनाथ पर्वत पर स्थित इस मंदिर की ऊंचाई 3640 मीटर है। समुद्रतल से 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ एशिया महाद्वीप का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय है। तुंगनाथ मंदिर पंचकेदार (तुंगनाथ, केदारनाथ,मध्य महेश्वर, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर) में सबसे ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि इसी स्थान पर शिवजी भुजा रूप में विद्यमान हैं। इसलिए प्राचीनकाल के इस मंदिर में भगवान शिव के भुजाओं की पूजा होती है।