उत्तराखंड: सीमावर्ती जिलों को जोड़ने के लिए यह योजना, रक्षा मंत्रालय की अनुमति का इंतजार





उत्तराखंड: उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘ड्रोन कॉरिडोर’ योजना अभी अटकी हुई है।


यह मंजूरी अनिवार्य


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे होने के कारण, इस परियोजना को रक्षा मंत्रालय से अब तक हरी झंडी नहीं मिल पाई है। अब प्रदेश सरकार एक बार फिर केंद्र के समक्ष इस मामले को उठाने की तैयारी कर रही है। जिसमें इस योजना को DGCA से सैद्धांतिक स्वीकृति तो मिल गई थी, लेकिन चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के संचालन के लिए कड़े सुरक्षा मानकों और रक्षा मंत्रालय की अंतिम मंजूरी अनिवार्य है, जो अभी तक लंबित है।



यह जिले शामिल


रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व में देहरादून से उत्तरकाशी तक ड्रोन के जरिए ‘ब्लड बैग’ पहुंचाने का सफल परीक्षण किया जा चुका है। सरकार ने कुमाऊं और गढ़वाल में 3-3 कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया था, जिसमें देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील जिले शामिल हैं।