उत्तराखंड दुखद: यहां मासूम की एक ‘चुप्पी’ बनी काल, कुत्ते के काटने की छुपाई बात, तीन महीने बाद रेबीज से मौत

उत्तराखंड:  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सीमांत धारचूला क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। जहां एक 12 वर्षीय मासूम की रेबीज से मौत हो गई।


कुत्ते‌ के काटने से मौत


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित धामी (12 वर्ष) पुत्र जुम्मा गांव, धारचूला का निवासी था। करीब तीन माह पहले क्षेत्र में उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। लेकिन डर के कारण बालक ने यह बात अपने माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को नहीं बताई। बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से मोहित की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। रेबीज के लक्षण दिखने और हालत अत्यंत गंभीर होने पर शनिवार को उसे पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों द्वारा उसे ‘108 एंबुलेंस’ के जरिए हल्द्वानी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। आनन-फानन में एंबुलेंस कर्मी उसे नजदीकी लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम की सांसें थम चुकी थीं।


रहें जागरूक


कुत्ते, बिल्ली या किसी भी जंगली जानवर के काटने, खरोंचने या लार के संपर्क में आने पर इसे बिल्कुल न छुपाएं। प्रभावित हिस्से को तुरंत साबुन और बहते पानी से 10-15 मिनट तक धोएं। बिना लापरवाही किए डॉक्टर से संपर्क कर एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) का पूरा कोर्स लें। बच्चों को समझाएं कि ऐसी किसी भी घटना होने पर वे डरे नहीं, बल्कि तुरंत घर में बताएं, वैक्सीन लगवाकर इससे शत-प्रतिशत बचा जा सकता है।