उत्तराखंड: वीर माधो सिंह भंडारी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया में किया यह बदलाव, विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

उत्तराखंड: उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं को देखते हुए, वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) ने इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया में खास बदलाव किया है।

किया यह बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत विश्वविद्यालय ने अब सीट आवंटन के बाद कॉलेज में ‘भौतिक उपस्थिति’‌की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। इससे पहले अब तक काउंसलिंग के चरण तो ऑनलाइन होते थे, लेकिन सीट आवंटित होने के बाद निर्धारित समय के भीतर संबंधित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य था। नई व्यवस्था के तहत, अब भारी वर्षा, भूस्खलन या रास्तों के बंद होने जैसी आपातकालीन स्थितियों में छात्र वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। विद्यार्थी ऑनलाइन ही निर्धारित शुल्क जमा कर अपनी आवंटित सीट सुरक्षित रख सकेंगे।

इतनी सीटें उपलब्ध

​शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय के छह कैंपस संस्थानों में कुल 2,250 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें बीटेक की 1,140 और अन्य पाठ्यक्रमों (एमटेक, एमबीए, एमसीए, बीफार्मा, एमफार्मा, बीएचएमसीटी, बीबीए, बीसीए और फार्म.डी) की 1,110 सीटें शामिल हैं।

संस्थान का नामकुल सीटेंबीटेकअन्य पाठ्यक्रम
महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, देहरादून540240300
टीएचडीसी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, नई टिहरी480360120
डा. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कालेज, टनकपुर390390
इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, गोपेश्वर300180120
नन्ही परी इंजीनियरिंग कालेज, पिथौरागढ़27018090
इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, बोन (उत्तरकाशी)27018090