बड़कोट/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कड़ा रुख अपनाया है।
दिए यह निर्देश
जिस पर आज बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट हिदायत दी कि स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान नगर पालिका परिषद बड़कोट, नगर पंचायत नौगाँव और पुरोला द्वारा अक्टूबर 2026 में ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के खिलाफ की गई कार्रवाई का अपेक्षित ब्योरा और अभिलेख प्रस्तुत न करने पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने तीनों निकायों के अधिशासी अधिकारियों (EO) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा, बैठक से अनुपस्थित रहने पर नगर पालिका चिन्यालीसौड़ के अधिशासी अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
धामों और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल एक विभागीय औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और जनपद की साख से जुड़ा विषय है। उन्होंने गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने और नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों के कचरा प्रबंधन को नजदीकी नगरीय निकायों की एमआरएफ (MRF) और सैनिटरी लैंडफिल सुविधाओं से जोड़ने पर चर्चा हुई। अवैध कूड़ा डंपिंग स्थलों को चिन्हित कर सफाई करने और वेस्ट-टू-कम्पोस्ट प्लांटों के सुचारू संचालन पर बल दिया गया।
रहें उपस्थित
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत, पर्यटन विभाग, समस्त खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।