उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में मौसम में बदलाव के साथ गर्मी बढ़ने लगी है। तेजी से गर्मी में इजाफा हो रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारियों का भी खतरा बढ़ने लगा है।
मौसमी बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
ऐसे में बच्चे हो या बुर्जुग सभी को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी लगातार एडवाइजरी जारी की जा रहीं हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
📌📌गर्मी के मौसम में बच्चों को कम से कम घर से निकलने दें, ताकि की बच्चें हिट वेव से बच सकें और वो कम बीमार पड़े।
📌📌बच्चों को गर्मी से बचने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन कराएं, ताकि बच्चों में पानी की कमी ना हो।
📌📌नौ महीने से छोटे बच्चों को समय समय पर मां का स्तन पान करना जरुरी है, ऐसा करने से बच्चों को गर्मी के प्रकोप से बचाया जा सकता है।
📌📌बाहर जाते समय अपने साथ पानी जरूर रखें।
📌📌गर्मी के दिनों में बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखें। उन्हें धूप में घर से बाहर न निकलने दें व उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन तथा तरल पदार्थों का सेवन कराएं।
📌📌मौसमी फलों का सेवन करना बेहतर होता है।
📌📌बिना भोजन किए बाहर न निकलें। ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम, मेहनत, अन्य कार्य न करें।
📌📌बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन भरे कमरों में न जाएं, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अति आवश्यक होने पर ही करें।
📌📌बच्चों एवं बुजुर्गों को दिन के सबसे गर्म समय जैसे दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर की गतिविधियों में शामिल न होने दें। धूप में बच्चों और पालतू जानवरों को गाड़ी में अकेला न छोड़ें।
📌📌धूप में नंगे पांव न चलें। चाय-कॉफी, अत्यधिक मीठे पदार्थ व गैस वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।