आज 04 जुलाई 2025 है। आज आषाढ माह की गुप्त नवरात्रि की नवमी हैं। जिसमें आज नवमी है। गुप्त नवरात्रि की नवमी माता कमला को समर्पित हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि को सनातन धर्म का सबसे पवित्र और ऊर्जादायक पर्व माना जाता है। सनातन हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं जो माघ, चैत्र, आषाढ़, अश्विन (शारदीय नवरात्रि) मास में होती हैं। जिसमें से दो गुप्त और दो सार्वजनिक होती हैं। आषाढ़ माह में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष साधना
गुप्त नवरात्रि में देवी के दस शक्तिस्वरूपों – काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला – की विशेष साधना की जाती है।
माँ कमला की पूजा
आज गुप्त नवरात्रिकी आख़िरी महाविद्या देवी कमला का पूजन श्रेष्ठ रहेगा। शास्त्रों में मां कमला को धन संपदा की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। इनकी आराधना से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही इनका पूजन करने से जीवन से दरिद्रता, संकट, गृहकलह और अशांति हमेशा-हमेशा के लिए दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शास्त्रों में इनके रूप को वर्णित करते हुए बताया गया है कि मां को श्वेत वर्ण के चार हाथी सूंड में सुवर्ण कलश लेकर सुवर्ण के समान कांति लिए हुए स्नान करवाते हैं। मां कमला कमल पर आसीन कमल पुष्प धारण किए हुए सुशोभित होती हैं।
इस तरह करें गुप्त नवरात्रि में पूजा अराधना
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की विधिवत पूजा-पाठ के साथ अराधना करें। सुबह और संध्या पूजा के समय दुर्गा चालीसा अथवा दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करें। पूजा के दौरान माता को लोंग व बताशे का भोग चढ़ाना चाहिए। इसके साथ मां को लाल पुष्प और चुनरी भी अर्पित करें। इससे माता जल्दी प्रसन्न हो जाती है। और आपके ऊपर अपनी कृपा बनाए रखती है।