आज 25 मई 2026 है। आज अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस है। हर साल यह दिवस 25 मई को मनाया जाता है। यह दिन गुमशुदा बच्चों को खोजने और उनकी सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
जागरूकता बढ़ाना खास उद्देश्य
देश दुनिया व हमारे आसपास के बच्चों के गमशुदा होने की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। यह घटनाएँ केवल पीड़ित बच्चों और उनके परिवार के लिए आघात नहीं हैं। बल्कि पूरे समाज में एक डर पैदा करती हैं। इसी समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज को बच्चों की सुरक्षा के बारे में शिक्षित करने के लिए हर साल अंतर्राष्ट्रीय गमशुदा बाल दिवस मनाया जाता है। बच्चों की सुरक्षा के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए अनेक संगठन देश भर में कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
जानें कब हुई शुरूआत
अंतर्राष्ट्रीय गमशुदा बाल दिवस की शुरुआत 1983 में हुई थी। 1983 में अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने इस दिन को मनाने की घोषणा की थी। 1979 से 1981 तक संयुक्त राज्य अमेरिका बच्चों के अपहरण की सिलसिलेवार घटनाओं से दहल उठा था। इसकी शुरुआत 25 मई 1979 को न्यूयॉर्क शहर में 6 वर्षीय एटन पाट्ज के मामले से हुई। जिसका स्कूल जाते समय बस से अपहरण कर लिया गया था। लेकिन एटन का कभी पता नहीं चला। वहीं अपराधी पेड्रो हर्नांडेज को दोषी ठहराया गया और 2017 में जेल की सजा सुनाई गई। वहीं 2001 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयड चाइल्ड्रन (आईसीएमईसी), मिसिंग चाइल्ड्रन यूरोप और यूरोपीय आयोग द्वारा इसे आधिकारिक तौर पर मनाया गया। तब से लेकर यह दिवस हर साल मनाया जा रहा है।