देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। देश में आपातकाल लगाए जाने की 50वीं बरसी के मौके पर आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया।
पीएम और मंत्रियों ने रखा 2 मिनट का मौन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में आपातकाल के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में 1975 में लगे आपातकाल को ‘लोकतंत्र और संविधान की हत्या’ करार दिया और इसकी कड़ी निन्दा की। आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाकर जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने 2 मिनट का मौन भी रखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में पारित प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी।
कैबिनेट में यह प्रस्ताव पास
📌📌इस प्रस्ताव को पढ़ते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उन अनगिनत व्यक्तियों के बलिदान को याद करने और सम्मानित करने का संकल्प लिया, जिन्होंने आपातकाल के दौरान संविधान की भावना को नष्ट करने के प्रयास का बहादुरी से विरोध किया था।’
📌📌उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 संविधान हत्या दिवस की 50वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1975 में लगाए गए आपातकाल की कड़ी निंदा करते हुए प्रस्ताव पास किए हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि आपातकाल के दौरान देशभर में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हुआ और आम आदमी के संवैधानिक अधिकार छीने गए और कई निर्दोष लोगों को अत्याचारों का सामना करना पड़ा।
📌📌कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ युवाओं को भी इन लोकतंत्र सेनानियों से सीखने की अपील की।