उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ के समापन समारोह में शिरकत की।
प्रतियोगिता का समापन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रतियोगिता का आगाज 16 अप्रैल को बद्रीनाथ एक्सपो से हुआ था, जिसके बाद 17 से 19 अप्रैल तक विभिन्न चरणों में मैराथन और ट्रेकिंग आयोजित की गई। भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस 113 किमी लंबी हाई एल्टीट्यूड ट्रेल प्रतियोगिता में सेना के जवानों और देशभर से आए ट्रैकर्स ने हिस्सा लिया। जिसमें मुख्यमंत्री ने विजेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित पंच केदार को जोड़ने वाले इन ऐतिहासिक मार्गों पर ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में 100 सैन्य जवानों के साथ देश के 200 साहसिक ट्रैकर्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने हेलंग से कलगोट और मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की कठिन दूरी तय की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार एंगलिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “औली से ऋषिकेश और मुनस्यारी से टिहरी झील तक, उत्तराखंड का हर कोना अब साहसिक पर्यटन का केंद्र बन रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के नेटवर्क से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी मजबूती मिली है।”
उत्तराखंड: सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0: सीएम धामी ने ट्रैकर्स के साहस को सराहा, बोले- पर्यटन से सीमांत क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार