अल्मोड़ा: अल्मोड़ामें सोबन सिंह जीना (एसएसजे) विश्वविद्यालय और फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ पांडिचेरी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
एमओयू पर हस्ताक्षर
जानकारी के अनुसार इस समझौते के बाद दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान हो सकेगा, बल्कि विभिन्न समसामयिक विषयों पर दोनों संस्थान मिलकर संयुक्त अनुसंधान (रिसर्च) भी करेंगे। जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ पांडिचेरी के प्रतिनिधि डॉ. जूलियन मलार्ड-एडम ने इस द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक रूप दिया।
शोध के खुलेंगे रास्ते
• जैव विविधता एवं संरक्षण: जैविक कीट प्रबंधन, जैव विविधता और संरक्षण अध्ययन तथा स्थानिक वनस्पतियों पर विशेष शोध।
• पारिस्थितिक संबंध: कीट-परजीवी अंतः क्रियाओं, महत्वपूर्ण पौधों की प्रजातियों में कीट और रोग की गतिशीलता के साथ-साथ मधुमक्खियों और संबंधित वनस्पतियों के बीच पारिस्थितिक संबंधों का अध्ययन।
• पर्यावरण एवं कृषि विकास: वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति-आधारित सतत विकास दृष्टिकोणों पर काम।
• इसके अलावा स्थानीय फलों और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण कृषि फसलों की उत्पादकता में सुधार लाने के लिए परागणकर्ता विविधता और संभावित परागणकर्ताओं के आकलन से संबंधित अनुसंधान को भी इस समझौते से काफी मजबूती मिलेगी।
रहें उपस्थित
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक प्रो. एके यादव, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आरसी मौर्य, डॉ. ललित चंद्र जोशी तथा डॉ. अरुण कलखुंडिया सहित कई वरिष्ठ प्राध्यापक और शोधकर्ता उपस्थित रहे।