अल्मोड़ा: ई-रिक्शा संचालन के दायरे और सिटी बस सेवा को लेकर अधिवक्ता कवींद्र पंत ने खोला मोर्चा, RTI से मांगा जवाब

अल्मोड़ा: शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आम जनमानस की सुविधा के लिए ई-रिक्शा संचालन का दायरा बढ़ाए जाने व धारानौला स्टेशन से सिटी बसों के संचालन की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा के पूर्व उपाध्यक्ष अधिवक्ता कवींद्र पंत ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए अब मामले में RTI (सूचना का अधिकार) के तहत कार्रवाई की मांग की है।

जानेंक्या है पूरा मामला

इस संबंध में अधिवक्ता कवींद्र पंत ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO), मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ई-रिक्शा संचालन का दायरा शिखर होटल तिराहे से धारानौला स्टेशन तक बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी। इसके साथ ही, धारानौला स्टेशन से सिटी बसों का संचालन शुरू करने का भी आग्रह किया गया था। कवींद्र पंत के अनुसार, इस मांग को लेकर वे लगातार अधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिवक्ता ने बताया कि प्रशासन द्वारा गठित समिति ने इस पूरे मार्ग का परीक्षण किया था, जिसके बाद धारानौला स्टेशन तक ई-रिक्शा संचालन के लिए सकारात्मक रिपोर्ट दी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य परिवहन आयुक्त ने जनवरी 2025 में शिखर होटल तिराहे से धारानौला स्टेशन तक (आने-जाने के लिए) ई-रिक्शा संचालन की विधिवत अनुमति प्रदान कर दी थी। कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद ई-रिक्शा का संचालन केवल आरसीएम मॉल तक ही सीमित क्यों है? यह प्रश्न न केवल अधिवक्ता, बल्कि स्थानीय जनता के लिए भी समझ से परे बना हुआ है।

अब RTI के जरिए जवाब तलाशेगी जनता

अधिकारियों के स्तर से कोई ठोस कार्रवाई न होने और मामले में चुप्पी साधे जाने के कारण अधिवक्ता कवींद्र पंत ने अब सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने जनहित में इस मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए RTI दाखिल कर दी है। कवींद्र पंत का कहना है कि जब विभाग से अनुमति मिल चुकी है, तो फिर नियमों का पालन धरातल पर क्यों नहीं हो रहा? उन्होंने उम्मीद जताई है कि RTI के माध्यम से अब इस मामले में जल्द ही कोई सारगर्भित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवागमन में हो रही असुविधा से राहत मिल सके।