अल्मोड़ा: मौत के मुँह से लाई गई जिंदगी: अल्मोड़ा पुलिस और SDRF ने 6 दिन बाद जंगल से बरामद की लापता युवती, सुरक्षित पंहुचाया अस्पताल

रानीखेत (अल्मोड़ा): रानीखेत क्षेत्र में एक लापता युवती के सकुशल मिल जाने के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।

सकुशल रेस्क्यू

अल्मोड़ा पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और विभिन्न सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए 6 दिवसीय सघन और चुनौतीपूर्ण सर्च ऑपरेशन के बाद 28 वर्षीय युवती को सुंदरखाल के घने जंगलों से बरामद कर लिया गया है। रानीखेत निवासी गिरीश पुजारी ने 3 जुलाई 2026 को कोतवाली रानीखेत में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 28 वर्षीय पुत्री, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है, 1 जुलाई की शाम से घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।


​सर्च ऑपरेशन और ड्रोन की ली मदद

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके ने विशेष टीमों का गठन किया। सीओ रानीखेत भावना कैंथोला के पर्यवेक्षण और कोतवाली प्रभारी श्री भुवन चंद्र जोशी व एसडीआरएफ प्रभारी श्री पंकज डंगवाल के नेतृत्व में एक संयुक्त अभियान चलाया गया। पुलिस ने मजखाली क्षेत्र के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिससे युवती की अंतिम लोकेशन का पता चला। सर्च टीम ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, बूबूधाम और सुंदरखाल के दुर्गम जंगलों में लगातार 5 दिनों तक कॉम्बिंग की। घने जंगलों में तलाश के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वॉड का भी प्रभावी इस्तेमाल किया। रेस्क्यू टीम ने 7 जुलाई की शाम लगभग 4:30 बजे युवती को सुंदरखाल के घने जंगल में खोज निकाला। युवती की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे स्ट्रेचर पर लादकर लगभग 6 किलोमीटर तक पैदल दुर्गम रास्तों से सुरक्षित मुख्य सड़क तक पहुँचाया, जहाँ से उसे उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भर्ती कराया गया।

​परिजनों ने जताया आभार

​अपनी बेटी को सकुशल पाकर पिता गिरीश पुजारी भावुक हो गए और उन्होंने पूरी रेस्क्यू टीम, अल्मोड़ा पुलिस और एसडीआरएफ का हृदय से आभार जताया।