उत्तराखंड में कृषि को बढ़ावा देने की खास पहल, सभी 23 मंडी समितियां एक-एक गांव लेंगी गोद, बनेंगी मॉडल कृषि विपणन ग्राम

उत्तराखंड: उत्तराखंड के पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई और खास पहल की है।

चयन प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत राज्य की सभी 23 कृषि उत्पादन मंडी समितियां अब एक-एक गांव गोद लेंगी और उन्हें ‘मॉडल कृषि विपणन ग्राम’ के रूप में विकसित करेंगी।
​’एक मंडी-एक गांव’ योजना के तहत चयनित इन गांवों में किसानों को उपज के विपणन (मार्केटिंग), भंडारण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और मूल्य संवर्द्धन से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा। योजना पर तेजी से काम करते हुए रुद्रपुर, ऋषिकेश, मंगलौर, हरिद्वार, टनकपुर, हल्द्वानी, रामनगर, देहरादून, लक्सर, काशीपुर और रुड़की की मंडी समितियां पहले ही एक-एक गांव का चयन कर चुकी हैं। वहीं, शेष बची हुई मंडी समितियां भी अपने-अपने क्षेत्रों में गांवों के चयन की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।


​यह मानक तय


उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी मॉडल ग्राम गोद योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। इससे किसानों को उनके गांव के आसपास ही बाजार और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस योजना के तहत गांवों का चयन करने के लिए कुछ विशेष मानक तय किए गए हैं।
• ​प्राथमिकता वाले क्षेत्र: योजना में मुख्य रूप से कृषि प्रधान गांवों को तवज्जो दी जाएगी।
• ​इसके अलावा बेहतर फल-सब्जी उत्पादन वाले क्षेत्र, जैविक खेती करने वाले गांव, एफपीओ (FPO), एसएचजी (SHG), सहकारी समितियों से सक्रिय रूप से जुड़े गांव तथा दुर्गम व पर्वतीय क्षेत्रों के गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी।
•  ​अवधि: प्रत्येक मंडी समिति तीन वर्ष के लिए एक गांव को गोद लेगी और वहां स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए मजबूत आधारभूत ढांचे का विकास करेगी। चयनित गांव को एक वर्ष के लिए विशेष विकास पैकेज भी मिलेगा।