अल्मोड़ा: ढांचे के पुनर्गठन और ग्रेड-पे संशोधन की मांग को लेकर मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

अल्मोड़ा: लंबित समस्याओं और लंबे समय से उपेक्षित मांगों के निराकरण को लेकर कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

की यह मांग

मंगलवार को कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। कर्मियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि मिनिस्ट्रियल कर्मचारी लंबे समय से अपनी मूलभूत मांगों के समाधान की राह देख रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से लगातार उपेक्षा की जा रही है। संघ की प्रमुख मांगों में कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन करना, कनिष्ठ सहायक पद की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ‘स्नातक’ तय करना और इसका ग्रेड-पे 2800 रुपये निर्धारित करना शामिल है। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रेड-पे में उचित संशोधन करने तथा नायब तहसीलदार के पदों पर कलेक्ट्रेट संवर्ग का 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की पुरजोर मांग उठाई।
​आंदोलन की चेतावनी

​संघ पदाधिकारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए चेतावनी दी कि समस्त कर्मचारी 14 अक्तूबर तक कार्यालयों में काला फीता बांधकर ही कार्य करेंगे। इसके बावजूद यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो 17 अक्तूबर को जिला मुख्यालय में विशाल धरना दिया जाएगा और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।

​रहे शामिल

​विरोध प्रदर्शन में संघ के अध्यक्ष जगजीवन बिष्ट, सचिव भगवत सतवाल, सुरेश नयाल, रविंद्र तिवाड़ी, शशि मोहन पाण्डेय, दीपा पांडेय, गीता टम्टा, हिमांशी अधिकारी, दीपशिखा मलकानी, मनोज मासीवाल, दीपक तिवारी, जगदीश नेगी, योगेश नेगी, अब्दुल रिजवान, मनोज पाण्डेय, प्रताप मेर, कमल कुमार, प्रमोद नयाल और हरीश बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट कर्मी शामिल रहे।