अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना (एसएसजे) विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल बिष्ट 21 सितंबर को अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं।
बताई प्राथमिकता
जिसके बाद इसके अगले ही दिन, 22 सितंबर को वह कुमाऊं विश्वविद्यालय के नए कुलपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे। प्रो. बिष्ट का कुमाऊं विश्वविद्यालय से पुराना नाता रहा है। वह पूर्व में यहाँ प्राणी विज्ञान विभाग में प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्होंने नए दायित्व के साथ शिक्षण, शोध, नवाचार, छात्र कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है।
चारों परिसरों के विकास और नियुक्तियों पर रहा जोर
एसएसजे विश्वविद्यालय में प्रो. बिष्ट के कार्यकाल को बड़े ढांचागत सुधारों के लिए याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपवत परिसरों के आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार को 200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव भेजे गए। अल्मोड़ा में नवनिर्मित अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इसके अतिरिक्त, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत परिसरों के लिए 244 शिक्षकीय व शिक्षणेत्तर पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू की गई, जबकि अल्मोड़ा परिसर के लिए 89 पदों पर नियुक्तियों के विज्ञापन जारी किए गए। विश्वविद्यालय में शोध माहौल को मजबूत करने के लिए शोध समितियां गठित की गईं, जिन्हें ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ और यूकॉस्ट से वित्तीय स्वीकृति मिली।
विश्वविद्यालय हुआ सम्मानित
इसके अलावा कैंपस में हैप्पीनेस लैब, देवभूमि उद्यमिता केंद्र और ‘स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र’ जैसी नवीन पहल शुरू की गईं। विद्यार्थियों को मुफ्त उच्च शिक्षा, ड्रोन ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साधन भी उपलब्ध कराए गए। परीक्षा प्रणाली में सुधार करते हुए वर्ष 2026 की परीक्षाएं रिकॉर्ड 36 दिनों में संपन्न कराई गईं और 20 जून को पहला परिणाम जारी कर दिया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों के नतीजे पूरे राज्य में सबसे पहले घोषित करने पर उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।