December 1, 2021

अल्मोड़ा: कृषक उत्पादक संगठनों के संवर्धन हेतु पिछले वर्ष शुरु हुई केन्द्रीय योजना के अंतर्गत जिले में 4 एफ0पी0ओ0 बनाने को मिली मंजूरी

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अल्मोड़ा: देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और  किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में पूरे देश में 10,000 कृषक उत्पादक संगठनों के संवर्धन हेतु पिछले वर्ष शुरु हुई केन्द्रीय योजना के अंतर्गत अल्मोड़ा जिले में 4 एफ0पी0ओ0 को अद्यतन मंजूरी मिल चुकी है।

2 और ऐसे संगठन को मंजूरी दे दी गयी

जिला विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे की अध्यक्षता में हुई जिला-स्तरीय समिति की बैठक में 2 और ऐसे संगठन को मंजूरी दे दी गयी। ये संगठन धौलादेवी व लमगड़ा विकास खण्डों में बनाए जाने हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संस्थाओं को किसानों के हित में, जिले में पूर्व में हो चुके कार्यों को ध्यान में रखते हुए व सभी हित-धारकों के साथ मिलकर उत्कृष्ट कार्य कर उदाहरण प्रस्तुत करने को कहा गया।

इन विकासखण्ड में मिली मंजूरी

बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश चंद्र पंत ने बताया कि उक्त योजना के अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकास खंड में एफ.पी.ओ. बनाए जाने हैं, और अब तक भिकियासैंण, सल्ट, भैंसियाछाना और ताकुला विकास खण्डों में एफ.पी.ओ बनाए जाने की मंजूरी मिल चुकी है। एफ.पी.ओ बनाने का कार्य नाबार्ड तथा  SFAC   द्वारा चयनित संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है ।   आई0एफ0एफ0डी0सी0 के प्रतिनिधि देश दीपक यादव ने बताया कि भिकियासैंण तथा सल्ट में एफ0पी0ओ0 का पंजीकरण कर दिया गया है अब इच्छुक व प्रगतिशील कृषकों को इससे जोड़ा जाएगा। सिनर्जी संस्था के डॉ कोरंगा ने बताया कि भैंसियाछाना और ताकुला में भी जल्द ही पंजीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। हाईफीड संस्था को धौलादेवी व लमगड़ा विकास खण्डों में एफ.पी.ओ बनाए जाने हेतु कार्य प्रारंभ करना है।

प्रगति का जायजा लिया गया

बैठक में उक्त विकास खण्डों में एफ.पी.ओ बनाने का कार्य कर रही संस्थाओं- नाबार्ड द्वारा चयनित इंडियन फार्म फ़ॉरेस्ट्री डेवलपमेंट कोऑपरेटिव लिमिटेड (आई.एफ.एफ.डी.सी.) तथा  SFAC     द्वारा चयनित सिनर्जी टेक्नोफिन तथा हाईफीड से भी प्रगति का जायजा लिया गया ।

यह लोग रहे मौजूद

  इस बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा0 रवीन्द्र चंद्रा, मत्स्य निदेशक रितेश कुमार, कृषि व उद्यान विभाग के प्रतिनिधि, हाईफीड संस्था के डॉ कमल बहुगुणा आदि उपस्थित थे।