बागेश्वर: जिला स्तरीय समिति की आयोजित बैठक में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत 20 लोगों को तीन करोड़, 30 लाख, 37 हजार की स्वीकृति की। इसमें वाहन, रेस्टोरैंट, होम स्टे आदि शामिल हैं। प्रभारी जिलाधिकारी सीएस इमलाल ने बैंक को निर्देश दिए कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने में व्यक्तिगत रूप से भी रुचि दिखाएं।
कुल 20 आवेदन पत्रों पर तीन करोड, 30 लाख, 37 हजार की स्वीकृति दी गई
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समिति की बैठक में वाहन मद में सात, रेस्टोरेंट, होटलनुमा आवासीय ईकाई सात, दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होमस्टे योजना में छह आवेदन पत्रों कुल 20 आवेदन पत्रों पर तीन करोड, 30 लाख, 37 हजार की स्वीकृति दी गई। प्रभारी जिलाधिकारी इमलाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वरोजगार हेतु आ रहे आवेदनों की भलीभांति जांच कर आवेदकों को योजना से लाभांवित करें। उन्होंने लीड बैंक अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी बैंक प्रबंधकों से स्वंय संपर्क कर विभिन्न बैंको को भेजे जा रहें आवेदन पत्रों को समय से निस्तारित कराना सुनिश्चित करें, ताकि बेरोजगारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जा सके।
जिस उद्देश्य के लिए ऋण लिया जा रहा है, उसी पर व्यय करें
उन्होंने लाभार्थियों से कहा कि जिस उद्देश्य के लिए ऋण लिया जा रहा है, उसी पर व्यय करें, तांकि आय अर्जित कर समय पर बैंकों का ऋण भी भुगतान किया जा सके। उन्होंने होटल, रैस्टोरेंट के अभ्यर्थियों से कहा कि होटल-रैस्टोरेंट में पर्यटकों के वाहन पार्किंग एवं शौचालय की व्यवस्था भी करें, तांकि अधिक से अधिक पर्यटक उनमें रूक सकें। उन्होंने होटल, रैस्टोरेंट के साथ ही होम स्टे को पारंपरिक शैली से बनाने व उनमें पारंपरिक भोजन परोसने का सुझाव दिया।
ये रहे मौजूद
बैठक में जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, डीडीएम नाबार्ड गिरीश पंत, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कृष्ण चन्द्र पलड़िया, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति आर्या व आवेदक आदि मौजूद थे।