उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर देश के पहले स्थापित अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल के माध्यम से उत्तराखंड के अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
अग्निवीरों के लिए यह सुविधा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 में सेना से सेवा पूरी करके लौटने वाले उत्तराखंड के लगभग 1200 अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए यह सेल समन्वित रूप से कार्य करेगा। यह विशेष सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करेगा। इसके तहत केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, अर्द्धसैनिक बलों और प्रतिष्ठित कॉरपोरेट संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करके युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
दी यह जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नल कोठियाल ने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से भारतीय सेना को युवा, उच्च प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन मिल रहा है। सेना में 25 प्रतिशत अग्निवीरों के स्थायी रूप से सेवा में बनाए रखने के बाद, शेष 75 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं को उपयुक्त रोजगार, उच्च शिक्षा या स्वरोजगार से जोड़ने की जिम्मेदारी यही सेल निभाएगा। इसके साथ ही, भारतीय सेना इन युवाओं की आवश्यक स्किलिंग (कौशल विकास) और प्रमाणन की प्रक्रिया भी सुनिश्चित कर रही है।