राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 का भव्य आयोजन: धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, राष्ट्रपति ने हरमनप्रीत और रोहित शर्मा समेत 66 हस्तियां को किया सम्मानित


देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं।एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान किए।

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वर्ष कुल 131 पद्म सम्मानों की घोषणा की गई है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 16 विभूतियों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। पहले चरण के इस समारोह में सोमवार को कुल 66 हस्तियों को देश के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सिनेमा के दिग्गज और दिवंगत फिल्म स्टार धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया। उनकी पत्नी, प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति से यह सम्मान ग्रहण किया। खेल जगत से महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया, जिनकी कप्तानी में हाल ही में टीम ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। इनके साथ ही पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता पैरा हाई जंपर प्रवीण कुमार को भी ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया। इस वर्ष की पुरस्कार सूची में भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा समेत 9 खेल दिग्गजों के नाम शामिल हैं।


​इन प्रमुख हस्तियों को भी मिला यह सम्मान


• ​कला और विज्ञापन: कला और विज्ञापन क्षेत्र के दिग्गज पियूष पांडेय को मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ दिया गया, जिसे उनकी पत्नी नीता जोशी ने ग्रहण किया।
• ​संगीत और कला: प्रसिद्ध भोजपुरी लोक गायक और संगीतकार भरत सिंह भारती को कला क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘पद्म श्री’ मिला। वहीं, प्रख्यात वायलिन वादक एन. राजम को ‘पद्म विभूषण’ से अलंकृत किया गया।
• ​राजनीति और उद्योग: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और दिग्गज कोटक महिंद्रा बैंक के उदय सुरेश कुमार कोटक को ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया।
• ​रक्षा विनिर्माण और पत्रकारिता: सोलर ग्रुप के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल को भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए और वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चंद्र पंत को देश भर में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए ‘पद्म श्री’ दिया गया।