हल्द्वानी: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बड़ा चिंता का विषय है। इस समस्या को देखते हुए हल्द्वानी वन प्रभाग ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक पहल की है।
यह सुरक्षात्मक पहल
मिली जानकारी के अनुसार जिस पर वन्यजीवों के त्वरित रेस्क्यू, बेहतर उपचार और प्रबंधन के लिए प्रभाग की नंधौर, छकाता, डांडा और शारदा रेंज में अस्थायी रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए गए हैं। कुमाऊं क्षेत्र के मुख्य रेस्क्यू सेंटर (रानीबाग, अल्मोड़ा और ढेला) वर्तमान में अपनी क्षमता से अधिक भरे हुए हैं। इस पहल से घायल वन्यजीवों को घटनास्थल के पास ही प्राथमिक चिकित्सा मिल सकेगी। रेस्क्यू किए गए जानवरों को तुरंत सुरक्षित स्थान मुहैया कराया जाएगा। इन केंद्रों पर आवश्यक उपकरण, पिंजरे और प्रशिक्षित वन कर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही मृत वन्यजीवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब स्थानीय स्तर पर आसान होगी। इस संबंध में डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि इन सेंटरों का प्रमुख उद्देश्य वन्यजीवों की जान बचाना और संघर्ष की स्थिति को तुरंत नियंत्रित करना है। इससे हम घटनास्थल के निकट कम समय में एक्शन ले सकेंगे।
हल्द्वानी: संघर्ष रोकने को खास पहल, चार रेंजों में बने अस्थायी रेस्क्यू सेंटर