December 5, 2021

टोक्यो पैरालिम्पिक में भारत 19 पदक जीतकर रहा 24वें स्थान पर, पीएम मोदी बोले भारतीय खेलों के इतिहास में टोक्यो पैरालिंपिक खेलों का रहेगा हमेशा विशिष्ट स्थान

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24 अगस्‍त से शुरू हुए पैरालिम्पिक खेल कल 5 अगस्त को  जापान की राजधानी तोक्यो के ओलंपिक स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रम के साथ सम्पन्न हो गए।
पेरिस में होने वाले अगले पैरालिंपिक में नया इतिहास रचने की उम्मीदों के साथ खिलाड़ियों ने टोक्‍यो पैरालंपिक को अलविदा कहा। समापन समारोह का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के साथ सादगी से किया गया। समारोह की शुरुआत खेलों की झलकियों के साथ हुई और फिर संगीत और नृत्य की प्रस्तुति हुई। समापन समारोह में संदेश दिया गया कि तोक्यो एक ऐसा शहर है, जहां मतभेद चमकते हैं। समारोह में सबसे पहले कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मान देने के लिए तैराकी के खिलाड़ियों और नर्सों ने जापान के ध्वज के साथ स्टे़डियम में प्रवेश किया। इस दौरान स्टेडियम वायलन की मधुर ध्वनि से गूंज उठा। साथ ही दृष्टिबाधित बैंड वादकों ने मधुर धुन छेड़ी और पूरा स्टेडियम पूरा स्टेडियम संगीतमय हो गया।

समारोह में भारत की ओर से 11 खिलाड़ियों ने किया प्रतिभाग

यह समारोह में भारत की ओर से 11 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इन खेलों में 163 देशों के लगभग 4500 खिलाड़ी ने 22 खेलों की 540 स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश की। बैडमिंटन को पहली बार पैरालिंपिक में शामिल किया गया था। भारत के 7 खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लिया और चार पदक अपने नाम किए। प्रमोद भगत और कृष्णा नागर ने स्वर्ण जबकि सुहास यथिराज ने रजत और मनोज सरकार ने कांस्य पदक  जीता। इन खेलों में भारत ने पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक सहित कुल 19 पदक जीते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा–भारतीय खेलों के इतिहास में टोक्यो पैरालिंपिक खेलों का हमेशा विशिष्ट स्थान रहेगा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि भारतीय खेलों के इतिहास में तोक्‍यो पैरालम्पिक का हमेशा एक विशिष्‍ट स्‍थान रहेगा। श्री मोदी ने एक ट्वीट श्रृंखला में कहा कि ये खेल प्रत्‍येक भारतीय को हमेशा याद रहेंगे और पीढि़यों को खेलों के प्रति प्रेरित करेंगे। उन्‍होंने कहा कि भारतीय दल का प्रत्‍येक सदस्‍य चैम्पियन है और प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टोक्‍यो पैरालम्पिक में भारत ने अब तक के सबसे अधिक पदक जीते हैं, जिससे भारतीयों का हृदय उत्‍साह से भर गया है। उन्‍होंने खिलाडि़यों को लगातार सहयोग देने के लिए उनके परिजनों, खेल स्‍टाफ और प्रशिक्षकों की सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि इस सफलता से खेलों में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने की उम्‍मीद बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि ओलम्पिक और पैरालम्पिक में  असाधारण आतिथ्‍य सत्‍कार, विस्‍तृत जानकारी और एकजुटता का संदेश फैलाने के लिए जापान, विशेषकर टोक्‍यो की जनता और जापान की सरकार की सराहना की जानी चाहिए।