आज 30 जून 2026 है। आज विश्व क्षुद्रग्रह दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हर साल 30 जून को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षुद्रग्रहों के संभावित खतरों, सौर मंडल के इतिहास में उनकी भूमिका, और पृथ्वी की सुरक्षा के लिए किए जा रहे बचाव उपायों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।
जानें खास उद्देश्य
इस दिवस को मनाने का खास उद्देश्य आम जनता को क्षुद्रग्रहों से होने वाले विनाश और बचाव की तैयारियों के बारे में शिक्षित करना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2016 में एक प्रस्ताव पारित करके आधिकारिक तौर पर 30 जून को अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस के रूप में घोषित किया था। इस विशेष दिन को चुनने के पीछे ऐतिहासिक कारण है। दरअसल 30 जून 1908 को रूस के साइबेरिया में ‘तुंगुस्का’ (Tunguska) क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया था। यह दर्ज इतिहास में पृथ्वी पर हुआ सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह विस्फोट था, जिससे हजारों वर्ग किलोमीटर का जंगल नष्ट हो गया था। इस अभियान की शुरुआत 2014 में खगोल भौतिकीविद् ब्रायन मे, अंतरिक्ष यात्री रस्टी श्विकार्ट, फिल्म निर्माता ग्रिग रिचर्ड्स और बी612 फाउंडेशन की अध्यक्ष डेनिका रेमी द्वारा की गई थी।