उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि: प्रदेश में बढ़ी ‘बेटी’ की चाहत, लिंगानुपात सुधार में देश में नंबर-1 बना राज्य, इतने अंकों की लगाई छलांग


उत्तराखंड: उत्तराखंड में बेटियों के प्रति समाज की सोच में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की ताजा रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए है।

दर्ज की उपलब्धि

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें उत्तराखंड ने जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार के मामले में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020-22 में उत्तराखंड में जन्म के समय लिंगानुपात 857 था, जो अब बढ़कर 868 हो गया है। अगर वर्ष 2014-16 से तुलना की जाए, तो राज्य में कुल 18 अंकों का सुधार हुआ है।

प्रमुख राज्यों में लिंगानुपात सुधार की तुलना (2022 के बाद)

• ​उत्तराखंड: 11 अंक
• ​तमिलनाडु: 09 अंक
• ​तेलंगाना: 09 अंक
• ​दिल्ली: 08 अंक
• ​पंजाब: 08 अंक

जानें बदलाव की मुख्य वजह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, जागरूकता अभियानों और ‘बेटी बचाओ’ जैसे कार्यक्रमों को दिया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को लेकर समाज में अब सकारात्मक सोच विकसित हो रही है, जिसे और अधिक मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।