नैनीताल: नैनीताल के ज्योलीकोट और आसपास के इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति से दो लोगों (एक छात्र और एक महिला) की मौत और सैकड़ों ग्रामीणों के बीमार होने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
शासन की कार्यवाही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस पर जनस्वास्थ्य से जुड़ी इस गंभीर लापरवाही पर धामी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज (निलंबन)
जल संस्थान:
1. विशाल कुमार – प्रभारी अधीक्षण अभियंता, हल्द्वानी
2. मोहन सिंह रावत – सहायक अभियंता, नैनीताल
3. रवींद्र – अपर सहायक अभियंता, नैनीताल
नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई को लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए भविष्य के लिए कठोर कार्रवाई की लिखित चेतावनी दी गई है।
पेयजल निगम (भीमताल निर्माण शाखा)
4. शशिपाल सिंह – प्रभारी अधिशासी अभियंता
5. संजय कुमार आर्या – प्रभारी सहायक अभियंता
6. दीपांशु शर्मा – कनिष्ठ अभियंता
व्यवस्था बनाए रखने के लिए लालकुआं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर को अधीक्षण अभियंता (हल्द्वानी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासन की कार्यवाही
दरअसल ज्योलीकोट क्षेत्र में बीते जून माह से ही ग्रामीण दूषित पानी की सप्लाई और उससे फैल रहे पीलिया व डायरिया की शिकायतें कर रहे थे। विभागीय अनदेखी के चलते स्थिति बिगड़ी और दो लोगों की जान चली गई, जिससे हड़कंप मच गया। इस
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सीडीओ अरविंद पाण्डे की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। वहीं उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को निगरानी के निर्देश दिए थे। जांच कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद शासन स्तर से यह बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।