नैनीताल: नैनीताल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कड़ी मशक्कत से चोरगलिया से अचानक लापता हुई तीन लड़कियां हिमाचल प्रदेश के बद्दी शहर से पूरी तरह सकुशल बरामद हुई हैं।
पुलिस ने सकुशल ढूंढा
जिस पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के सीधे मार्गदर्शन में चलाए गए इस खोजी अभियान ने एक परेशान परिवार के चेहरों पर फिर से हंसी लौटा दी है। घटना 18 सितंबर 2026 की है, जब चोरगलिया का एक परिवार पुलिस के पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां सुबह 7 बजे स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन समय बीत जाने पर भी घर नहीं लौटीं। जांच करने पर पता चला कि लड़कियां स्कूल पहुंची ही नहीं थीं और उनके साथ इलाके की एक और लड़की भी थी। इन तीनों में दो नाबालिग और एक बालिग हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चोरगलिया थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही पूरे जिले की पुलिस और सोशल मीडिया को सतर्क कर दिया गया।
CCTV फुटेज से जांच
SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने तुरंत विशेष पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए। एसपी सिटी मनोज कत्याल और सीओ हल्द्वानी रविकांत सेमवाल की देखरेख में चोरगलिया थानाध्यक्ष तारा सिंह राणा और एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सोन के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने चोरगलिया, हल्द्वानी, काठगोदाम और रुद्रपुर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीनों लड़कियां एक साथ जाती दिखीं। इसके बाद सर्विलांस और तकनीकी इनपुट की मदद से उनकी लोकेशन ट्रैक की गई, जो हिमाचल प्रदेश की ओर इशारा कर रही थी। 24 सितंबर 2026 को नैनीताल पुलिस की टीम हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी पहुंची और तीनों को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे अपने पैरों पर खड़ा होने और नौकरी तलाशने के इरादे से बिना बताए घर से निकली थीं। पुलिस जांच में किसी भी तरह की अनहोनी या आपराधिक बात सामने नहीं आई है।
परिजनों को सौंपा
बरामदगी के बाद पुलिस ने तीनों लड़कियों की काउंसलिंग की। नाबालिग लड़कियों को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर उनके बयान दर्ज कराए गए। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जिस पर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया।