08 नवंबर: नरक चौदस या छोटी दिवाली आज, इन देवों की पूजा का विधान, जानें शुभ मुहूर्त

आज 08 नवंबर 2026 है। आज देश भर में धूमधाम से छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। दिवाली एक दिन का त्योहार नहीं होता। यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। इसलिए दिवाली 5 दिन का त्योहार माना जाता है। आज छोटी दिवाली है। जो नरक चौदस या छोटी दिवाली के नाम से भी जानी जाती है।

छोटी दिवाली

धनतेरस के अगले दिन छोटी दिवाली मनाई जाती है। आज छोटी दिवाली है। इसके बाद बड़ी दिवाली आती है। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस साल छोटी दिवाली 19 अक्टूबर के दिन मनाई जा रही है। छोटी दिवाली के दिन ही नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। यह पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। ऐसा कहते हैं कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था।

देखें शुभ मुहूर्त

नरक चतुर्दशी को नरका चौदस और हनुमान जयंती के रूप में भी प्रतिष्ठा प्राप्त है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 07 नवंबर शनिवार को सुबह 10 बजकर 47  मिनट से हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 08 नवंबर रविवार को सुबह 11 बजकर 29 मिनट पर होगा।नरक चतुर्थी के दिन रूप निखारा जाता है, जिसके लिए प्रात: काल स्नान की परंपरा है। इसलिए उदया तिथि को देखते हुए नरक चतुर्दशी 08 नवंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन बड़ी दिवाली भी है। 

इन देवों की पूजा

नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी और 6 देवों की पूजा की जाती है । जिसमें हनुमान जी , यम पूजा, श्रीकृष्ण पूजा, काली पूजा, शिव पूजा और भगवान वामन की पूजा करने से सारे कष्ट कट जाते हैं ।

अभ्यंग स्नान का महत्व

चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान, जिसे नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है, सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग इस दिन अभ्यंग स्नान करते हैं, वे नरक में जाने से बच सकते हैं। अभ्यंग स्नान के दौरान उबटन के लिए तिल के तेल का प्रयोग करना चाहिए। अभ्यंग स्नान हमेशा चंद्रोदय के दौरान किया जाता है लेकिन सूर्योदय से पहले जबकि चतुर्दशी तिथि प्रचलित है।