07 अक्टूबर: ​राष्ट्रीय एलईडी लाइट दिवस आज, जानें एक छोटे से आविष्कार ने कैसे बदली दुनिया में रोशनी की तस्वीर, जानें इस नीली रोशनी के पीछे नोबेल पुरस्कार का अनोखा इतिहास

आज 07 अक्टूबर 2026 है। आज राष्ट्रीय एलईडी लाइट दिवस मनाया जाता है। जो हर साल 7 अक्टूबर को मनाया जाता है।

खास है महत्व

यह दिवस एलईडी तकनीक के महत्व, इसके आविष्कार और पर्यावरण पर इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत वर्ष 2016 में Bridgelux नामक कंपनी द्वारा की गई थी। इसे 7 अक्टूबर, 2014 को भौतिकी में मिले नोबेल पुरस्कार की याद में भी मनाया जाता है, जो नीले एलईडी (Blue LED) के विकास के लिए दिया गया था। नीले एलईडी के आविष्कार से ही सफेद रोशनी वाले एलईडी का रास्ता साफ हुआ था। रूसी आविष्कारक Oleg Losev ने 1927 में पहला एलईडी बनाया था, और 1962 में Nick Holonyak Jr. ने जनरल इलेक्ट्रिक (General Electric) में पहले व्यावहारिक दृश्य-वर्णक्रम (visible-spectrum) एलईडी का आविष्कार किया था।

खास है लाभ

• ऊर्जा की बचत: पारंपरिक तापदीप्त (incandescent) बल्बों की तुलना में एलईडी 75% से 90% तक कम ऊर्जा की खपत करते हैं।
• लंबा जीवन: ये बल्ब सामान्यतः 35,000 से 50,000 घंटे तक चलते हैं, जिससे बार-बार बदलने की आवश्यकता नहीं होती।
• पर्यावरण के अनुकूल: कम बिजली खपत के कारण ग्रीनहाउस गैसों और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद है।