July 1, 2022

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने 29 अक्टूबर को इटली के लिए रवाना होंगे

 985 total views,  2 views today

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वें जी-20 शिखर सम्मेलन सीओपी-26 के विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रोम ग्लासगो का दौरा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, मोदी रोम में इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी के निमंत्रण पर 30-31 अक्टूबर तक 16वें जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।शिखर सम्मेलन में जी-20 सदस्य देशों, यूरोपीय संघ, अन्य आमंत्रित देशों अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार के प्रमुख भी भाग लेंगे।

यह 8वां जी-20 शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें पीएम मोदी हिस्सा लेंगे

इतालवी प्रेसीडेंसी के तहत आगामी शिखर सम्मेलन लोग, ग्रह, समृद्धि के विषय पर केंद्रित है, जो महामारी से पुनप्र्राप्ति वैश्विक स्वास्थ्य शासन की मजबूती, आर्थिक सुधार लचीलापन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संक्रमण सतत विकास खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जी-20 अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में उभरा है। भारत पहली बार 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी युनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) में पार्टियों के 26वें सम्मेलन (सीओपी-26) के विश्व नेता शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ग्लासगो की यात्रा करेंगे।

चीन के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात नहीं

चीन और रूस जैसे कुछ बड़े देशों के राष्ट्र प्रमुखों के सम्मलेन में वर्चुअल तौर पर ही हिस्सा लेने की संभावना है। जाहिर है कि इससे पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच किसी मुलाकात की संभावना खत्म हो गई है। आम तौर पर दोनों नेता जी-20 शिखर सम्मेलन में निश्चित तौर पर द्विपक्षीय मुलाकात करते रहे हैं।

महत्‍वपूर्ण है यह बैठक

बताते चलें कि इस समूह की बैठक में पीएम मोदी आठवीं बार हिस्सा लेंगे। इस बार इस बैठक के लिए भारत के लिए इसलिए भी महत्व है कि इस संगठन की वर्ष 2023 की बैठक भारत में होनी है। भारत सरकार अभी से आगामी बैठक को सफल बनाने की तैयारी में जुटी है। रोम में होने वाली जी-20 की बैठक में पीएम मोदी कोरोना बाद के माहौल में भारत जैसे विकासशील देश के समक्ष उपजी चुनौतियों और सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की विस्तृत ब्योरा देंगे। पीएम की तरफ से आतंकवाद और इससे वैश्विक इकोनोमी पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बात की जाएगी।