शहादत को सलाम: 13 जुलाई: 1931 के उन 22 शहीदों का स्मरण, जिन्होंने हक़ के लिए जान दी

आज 13 जुलाई 2026 है। आज शहीद दिवस है। यह शहीद दिवस 1931 को जम्मू और कश्मीर में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। 13 जुलाई को भारत में मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर में शहीद दिवस (Martyrs’ Day) मनाया जाता है, जो 1931 में डोगरा शासक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जान गंवाने वाले 22 लोगों की याद में समर्पित है।

जानें इसके बारे में

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 जुलाई को जम्मू और कश्मीर में 1949 से लेकर 2019 तक आधिकारिक तौर पर शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। लेकिन साल 2019 में जब अनुच्छेद 370 हटाया गया तो इसके बाद शहीद दिवस को आधिकारिक छुट्टियों की सूची से हटा दिया गया। जब जनवरी 2020 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के छह महीने बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक अवकाश सूची से 13 जुलाई और 5 दिसंबर (NC संस्थापक शेख अब्दुल्ला की जयंती) को हटा दिया गया था। दरअसल 1931 में उस दिन महाराजा हरि सिंह के आदेश पर डोगरा राज्य की सेना ने सेंट्रल जेल के बाहर 22 कश्मीरी लोगों की हत्या कर दी थी। जो अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे। इस घटना को जम्मू-कश्मीर के प्रथम जन-विद्रोह के रूप में देखा जाता है, जिसे लंबे समय तक नेशनल कॉन्फ्रेंस और कई अन्य दलों ने ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया।