January 20, 2022

उत्तराखण्ड में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से बचाव के लिए जारी हुई एसओपी, देखें क़्या है जरूरी

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कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) का खतरा बढ़ने के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इस संबंध में मुख़्य सचिव ने इस वैरिएंट से बचाव और संक्रमण पर नियंत्रण के लिए एसओपी जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रोन को वायरस आफ कंसर्न घोषित किया है। इसमें संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। जिसको देखते हुए राज्य में टीकाकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारियों को दिए निर्देश-

जिसमें सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बार्डर चेक पोस्ट, पर्यटन स्थल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रैंडम सैंपलिंग कराने और संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को कोरोना प्रोटोकाल के तहत चिकित्सा सुविधा प्रदान कराई जाए।

राज्य के सभी महाविद्यालयों में हो कोविड सैंपलिंग-

शासन द्वारा जारी एसओपी में राज्य के सभी महाविद्यालय, मेडिकल व नर्सिंग कालेज, व शैक्षिक संस्थानों में कोविड सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं।

नए वैरिएंट के बारे में जागरूक करने के लिए चलाया जाए अभियान-

कोविड संक्रमण की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसके साथ ही आमजन को नए वैरिएंट के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। साथ ही सभी कोविड नियमों का पालन करें। सभी सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क पहनना व सैनिटाइजेशन का सख्ती से पालन कराया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर  जुर्माना लगाया जाएगा। वही सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा व तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित किया गया है।

सभी स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर का किया जाए कोविड टेस्ट-

राज्य के शिक्षण संस्थानों से लेकर सभी स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर का कोविड टेस्ट किया जाए। संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को कोविड प्रोटोकाल के तहत चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। अंतर राष्ट्रीय बार्डर चेक पोस्ट पर भी रैंडम टेस्ट किए जाएं। इसके अलावा विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि विदेश से आए जो यात्री होम क्वारंटाइन हैं, उनकी सतत निगरानी की जाए। उनमें कोरोना संक्रमण के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर कोविड प्रोटोकाल के अनुसार इलाज किया जाए।