13 फरवरी 2022 अल्मोड़ा,
उच्च हिमालयी क्षेत्रों मे विशाल पर्वतों को काटकर बनाई जा रही ऑल वेदर रोड की उच्चाधिकार निगरानी समिति के पद से पिपुल्स साईन्स इन्सटिटूड़ देहरादून के पूर्व निदेशक रवि चोपड़ा के त्यागपत्र का उ लो वा ने स्वागत किया है।
उत्तराखण्ड लोक वाहिनी ने इस पर सरकार से सवाल किए:
उनके त्यागपत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तराखण्ड लोक वाहिनी ने इस पर सरकार से सवाल करते हुए कहा कि खड़ी पहाड़ियों के आधार को काटकर ऑल वेदर रोड कभी टिकाऊ नहीं हो सकती फिर भी सरकार इसकी चौड़ाई घटाने को तैयार नहीं है ।
रवि चोपड़ा को इस पद पर रहना उचित नहीं लगा:
उत्च्चाधिकार प्राप्त समिति की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए जब सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इस परियोजना को रक्षा महत्व का बताते हुए अनुमति ले ली तब रवि चोपड़ा को इस पद पर रहना उचित नहीं लगा । क्योंकि पर्यावरण व प्राकृतिक आपदाओं की चिन्ताओं पर मामला वही अटका है जहां से आरम्भ हुआ था।
प्राकतिक आपदाओं को मुश्किल होगा रोकना:
यहां एडवोकेट जगत रौतेला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उलोवा नदी बचाओं आन्दोलन का भागीदार जन संगठन है। रवि चोपड़ा गढ़वाल में इस आन्दोलन, का संयोजन करते रहे हैं। आन्दोलन के लोंगो ने जब महसूस किया कि एकदम खड़ी पहाड़ियों व उन पर उगे पेड़ों को काटकर यदि मलवा नदियों मे जाता रहा तो 2013 व 2021 जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकना मुश्किल होगा ।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा:
इसका असर पहले से ही पर्यावरणीय चिन्ताओं की अनदेखी कर बनाये गये बड़े बांधो पर पड़ना भी तय है इसी कारण मामला सुप्रीम कोर्ट गया । सुप्रीम कोर्ट ने रवि चोपड़ा को उच्चाधिकार निगरानी समिति का अध्यक्ष बनाया जिस पर अदालत में लम्बी खींचतान चलती रही ,सरकार ने सड़क को रक्षा महत्व का बताते हुए सरकार के पक्ष मे फैसला करा लिया ।
रवि चोपड़ा द्वारा दिया गया त्यागपत्र उचित:
रवि चोपड़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सड़क को बारह मीटर चौड़ाई में काटने के लिये पहाड़ का भारी कटान हो रहा है सड़क को छ: मीटर चौड़ाई मे काटा जा सकता है जिससे रक्षा व पहाड़ की सुरक्षा दोनो ही संम्भव है। पर सरकार नहीं मानी जो कि भविष्य की बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की चिन्ताओं की रक्षा सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं हो सकी। ऐसे में रवि चोपड़ा द्वारा दिया गया त्यागपत्र उचित है।
बैठक में शामिल:
वाहनी की बैठक में जगत रौतेला, रेवती बिष्ट , दयाकृष्ण काण्ड़पाल ,जंग बहादुर थापा, पूरन चन्द्र तिवारी , अजयमित्र सिंह धौनी बिष्ट ,कुणाल तिवारी ,अजय मेहता , हारिस मुहम्मद आदि शामिल रहे।