उत्तराखंड: खिर्सू में आस्था की ‘उड़ान’: 500 मीटर लंबी घास की रस्सी पर फिसलेगी ‘कठबद्दी’, खास है धार्मिक और पौराणिक महत्व








उत्तराखंड: पौड़ी के खिर्सू ब्लॉक में अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत को समेटे ऐतिहासिक कठबद्दी मेला धूमधाम से मनाया जाएगा।


मेले‌ का महत्व


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोठगी गांव में आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। खिर्सू क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण एक हफ्ते की मेहनत से विशेष रस्सी तैयार करते हैं। इस रस्सी का टुकड़ा पाना अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है और लोग इसे सालभर अपने घरों के मंदिर में रखते हैं। जिसमें प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी शिरकत करेंगे। इस मेले का मुख्य आकर्षण बुरांस की लकड़ी से बना एक पुतला (कठबद्दी) है, जो बाबला घास की बनी 450 से 500 मीटर लंबी रस्सी पर फिसलता है। पहले इस जोखिमभरे कार्य को व्यक्ति स्वयं करते थे, लेकिन अब सुरक्षा की दृष्टि से पुतले का उपयोग होता है। भगवान घंडियाल देवता को समर्पित इस मेले के पीछे पौराणिक कथा है। माना जाता है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने वीर अभिमन्यु को घंडियाल देव का स्वरूप प्रदान किया था।