नई टिहरी: टिहरी झील में शनिवार रात अचानक आए मौसम के बदलाव और तेज हवाओं के कारण प्रसिद्ध फ्लोटिंग हट्स क्षतिग्रस्त हो गए।
पर्यटकों का रेस्क्यू
जिससे अफरातफरी मच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब लहरों के बीच फंसी इन झोपड़ियों में ठहरे पर्यटकों की जान पर बन आई थी, जिन्हें SDRF की टीम ने एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। शनिवार को झील में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे पानी में उठती ऊंची लहरों ने फ्लोटिंग हट्स को अपनी चपेट में ले लिया। हट्स को नुकसान पहुँचने के कारण वहां ठहरे पर्यटक फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुँची और अंधेरे व खराब मौसम के बीच साहसिक अभियान चलाकर सभी फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया। इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
दिए यह निर्देश
वहीं मुख्य विकास अधिकारी (CDO) वरुणा अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM टिहरी की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
जिसमें समिति को फ्लोटिंग हट्स का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक ऑडिट रिपोर्ट नहीं आती और सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक हट्स के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
उत्तराखंड: टिहरी झील में टला बड़ा हादसा, तेज लहरों से क्षतिग्रस्त हुआ फ्लोटिंग हट्स, इतने पर्यटकों को सुरक्षित निकाला