उत्तराखंड ब्रेकिंग: हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालयों व‌ महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव संबंधी याचिका की निस्तारित, कहा- इस वर्ष अब समय-सीमा नहीं छात्रसंघ चुनाव की

उत्तराखंड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों व‌ महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की तिथि को लेकर छात्र नेताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने की सुनवाई

इसी बीच चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस पर राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार के शासनादेश के आधार पर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि 30 सितंबर तक छात्र संघ चुनाव हो जाने चाहिए थे। लेकिन विश्वविद्यालययों ने उस आदेश का अनुपालन नहीं किया। चुनाव कराने की समय सीमा निकल चुकी है। जिसपर अब छात्र संघ का चुनाव कराना सम्भव नहीं है‌। इसके आधार पर कोर्ट ने जनहित याचिका निस्तारित कर दी।

जारी कैलेंडर में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराएं गये

दरअसल देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल सिंह ने बीती 25 अक्टूबर को राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की खबर का संज्ञान लिया । जिसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। जिसमें कहा कि राज्य सरकार ने 23 अप्रैल 2024 को एक शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया था। इस जारी कैलेंडर में छात्रसंघ चुनाव 30 सितंबर 2024 तक कराने के निर्देश थे। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर चुनाव आयोजित नहीं कराए और न ही शासन से दिशा-निर्देश लिए। जो कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन है। इस मामले पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की।

छात्रों में आक्रोश

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद छात्र संगठनों ने रोष जताया है। अल्छामोड़ा में एसएसजे परिसर में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्र संगठनों का यह धरना प्रदर्शन सरकार, काॅलेज प्रशासन, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के खिलाफ चल रहा है। छात्र संघ चुनाव न होने से छात्र संगठनों में आक्रोश बना हुआ है।