नैनीताल: रामनगर (उत्तराखंड): रूस से भारत कच्चा तेल लेकर आ रहे मर्चेंट नेवी के कप्तान अजय पंत को ब्रिटेन में हिरासत में लिए जाने के बाद से उनके गृहक्षेत्र रामनगर के चिल्किया गांव में दुख का माहौल है।
जुलाई में होगी अगली सुनवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस प्रकरण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए मामले की निगरानी शुरू कर दी है। भारतीय उच्चायोग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर वर्तमान स्थिति की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कैप्टन अजय पंत फिलहाल यूके की ‘एचएमपी विनचेस्टर’ (HMP Winchester) जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। उच्चायोग की टीम ने 19 जून 2026 को जेल की विशेष टेलीफोन सुविधा के माध्यम से उनसे सीधा संपर्क साधा। बातचीत के दौरान कैप्टन पंत ने स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ बताया और पुष्टि की कि उन्हें जेल में नियमित चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। वे भारत में अपनी पत्नी से भी नियमित रूप से फोन पर संपर्क में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालती प्रक्रिया के संबंध में उच्चायोग ने बताया कि स्थानीय अदालत में पेशी के बाद कैप्टन पंत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
FCDO के समक्ष उठाया गया मामला
भारतीय उच्चायोग ने कैप्टन पंत को समयबद्ध कांसुलर सहायता दिलाने के लिए इस मामले को यूके के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO) के समक्ष आधिकारिक तौर पर उठाया है। उच्चायोग उनके परिवार, कानूनी प्रतिनिधियों और उनकी नियोक्ता कंपनी ‘एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। कंपनी ने कैप्टन को बेहतर कानूनी मदद और उनके परिवार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
इस संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा और हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर कैप्टन पंत की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।