उत्तराखंड: कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले, महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी करेंगी काम, एक क्लिक में पढ़िए पूरी खबर

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई‌ है। उत्तराखंड में आज बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट बैठक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें पर्यावरण से लेकर ऊर्जा, आवास, रोजगार और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

इन प्रस्तावों को मंजूरी

📌📌उत्तराखण्ड जैव विविधता बोर्ड की वित्तीय वर्ष 2024-25 के क्रियाकलापों के संपूर्ण लेखे-जोखे को राज्य विधान मण्डल के पटल पर रखे जाने की स्वीकृति ।
📌📌राज्य गठन के बाद समय-समय पर अभियोजन विभाग में अभियोजन संवर्ग के कुल 142 पद के सापेक्ष सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल 91 पद सृजित है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल के लिए सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल 46 अतिरिक्त पदों को सृजित किये जाने प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।
📌📌यूजेवीएन लि0 के वर्ष 2022-23 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
📌📌राज्य की दुकानों एवं स्थापनों में महिला कर्मकारों को रात्रि पाली (रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक) कार्य करने की सशर्त छूट प्रदान की गयी है, जिसमें महिला कर्मकारों की सुरक्षा का पर्याप्त प्रावधान किया गया है। रात्रि पाली में महिला कर्मकारों को कार्य में तभी लिया जा सकता है जब उनके द्वारा इस संबंध में पूर्व में ही लिखित सहमति प्राप्त कर ली जाय।
📌📌उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के माध्यम से उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम, 2017 की धारा 1(2), 8, 9 एवं धारा 19 में संशोधन किया जा रहा है। इन संशोधनों से छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपनी आर्थिक गतिविधि सुचारू रूप से संचालित कर सकेंगे जबकि बड़े प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मकारों को कानून के अन्तर्गत सभी लाभ प्राप्त होंगे।
📌📌उत्तराखण्ड मेट्रो रेल एवं शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम की सम्पन्न आहूत 34वीं बोर्ड बैठक के एजेण्डा बिन्दु संख्या-34/3 में पारित प्रस्ताव के अनुक्रम में देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना के प्रस्ताव पर आवासन एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिये गये परामर्श / सुझाव से मंत्रिमण्डल को अवगत करने एवं मार्गदर्शन प्राप्त किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया है।
📌📌वर्तमान में मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रकरणों में प्रभावितों को अनुग्रह राशि का भुगतान “मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली-2024” के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। उक्त नियमावली के प्रावधानों के अनुसार मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत नियमावली में बड़ा संशोधन करते हुए अब मौत की स्थिति में परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा‌। पहले यह राशि 6 लाख थी।