October 4, 2022

25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस: उत्तराखंड राज्य में इन सात सालों में काफी कम हुआ मलेरिया का ग्राफ, 2027 तक शून्य का लक्ष्य

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आज 25 अप्रैल 2022 है। आज विश्व मलेरिया दिवस है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक कर इस बीमारी से बचाया जा सके। पांच-छह सालों में मलेरिया के प्रति लोग जागरूक भी हुए हैं।

उत्तराखंड में इतने घटे मलेरिया के मामले-

उत्तराखंड राज्य में मलेरिया पर‌ स्वास्थ्य विभाग ने काफी हद तक काबू पा लिया है। वर्ष 2014 से 2021 के बीच राज्य में मलेरिया के मामले तकरीबन 99.11 प्रतिशत तक घट गए हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश को मलेरिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग मलेरिया उन्मूलन कार्ययोजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत 2027 तक मरीजों की संख्या शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।

दिखते हैं यह लक्षण-

मलेरिया में परजीवी संक्रमण और लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण थकान की वजह से एनीमिया, दौरा या चेतना की हानी की स्थिति बन जाती है। सेरिब्रल मलेरिया में परजीवी रक्त के जरिए मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं और यह शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंच कर हानि पहुंचाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण और नवजात के लिए भी खतरा है। मलेरिया का मच्छर सामान्यत: शाम और सुबह के बीच काटता है । अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को मलेरिया का संक्रमित मच्छर काटता है तो वह स्वयं तो संक्रमित होगा ही, दूसरे को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि मलेरिया एक रोके जाने योग्य और उपचार योग्य संक्रामक रोग है। दुनिया के कई देश इस दिशा में पहले से ही काम कर रहे हैं। 2000 और 2014 के बीच, दुनिया भर में मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या में 40 फीसदी की गिरावट आई है, दुनिया ने मलेरिया के खिलाफ ऐतिहासिक प्रगति की है, लाखों लोगों की जान बचाई है।

विश्व मलेरिया दिवस का इतिहास-

विश्व मलेरिया दिवस का विचार अफ्रीका मलेरिया दिवस से विकसित हुआ था। अफ्रीका मलेरिया दिवस मूल रूप से एक ऐसी घटना है जिसे 2001 से अफ्रीकी सरकारों द्वारा मनाया जाता है, पहली बार यह 2008 में आयोजित किया गया था। 2007 में विश्व स्वास्थ्य सभा के 60वें सत्र में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रायोजित एक बैठक में प्रस्तावित किया गया कि अफ्रीका मलेरिया दिवस को विश्व मलेरिया दिवस में बदल दिया जाए। यह दुनिया भर के देशों में मलेरिया के अस्तित्व की पहचान करने में मदद करेगा और मलेरिया के खिलाफ लड़ने के लिए विश्व स्तर पर लोगों में जागरूकता लाने में भी मदद करेगा।

विश्व मलेरिया दिवस 2022 की थीम

विश्व मलेरिया दिवस 2022 को “मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग” विषय के तहत चिह्नित किया जाएगा। आज ऐसा कोई भी उपकरण उपलब्ध नहीं है जो मलेरिया की समस्या का समाधान कर सकता है। डब्ल्यूएचओ ने निवेश और नवाचार पर जोर दिया है जो मलेरिया के खिलाफ प्रगति की गति को तेज करने के लिए नए वेक्टर नियंत्रण दृष्टिकोण, निदान, मलेरिया-रोधी दवाएं और अन्य उपकरणों को सामने लाए। 2000 से 2015 के बीच मलेरिया के वैश्विक बोझ को कम करने में लगातार प्रगति के बावजूद, हाल के वर्षों में प्रगति धीमी हो गई है या रुक गई है, खासकर उप-सहारा अफ्रीका में उच्च बोझ वाले देशों में। डब्ल्यूएचओ वैश्विक मलेरिया रणनीति के 2030 लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में दुनिया को एक मार्ग (प्रक्षेपवक्र) पर वापस लाने के लिए तत्काल और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देता है।