उत्तराखंड: अब मसूरी और सहस्रधारा तक सीमित नहीं रहेगा दून का पर्यटन, ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित होंगे नए पर्यटन स्थल, बढ़ेगा रोजगार

उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पर्यटन अब केवल मसूरी और सहस्रधारा तक ही सीमित नहीं रहेगा। इस जिले के गांवों के अंधेरे में छिपे प्राचीन मंदिरों, झरनों, नदियों और ऐतिहासिक स्थलों को अब पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्राम्य विकास विभाग ने जिले के छह विकासखंडों की 409 ग्राम पंचायतों में ऐसे महत्वपूर्ण गांवों और स्थलों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। जिसके बाद इन स्थलों के आसपास पेयजल, बिजली, ठहरने (होम स्टे) और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बाहर से आने वाले पर्यटक न केवल इन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली से भी करीब से रूबरू हो सकेंगे।‌ स्थलों के चयन के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों से निर्माण और विकास के प्रस्ताव मांगे जाएंगे। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जिन विकासखंडों में पर्यटन की संभावनाओं वाले स्थलों की तलाश की जा रही है, उनमें प्रमुख हैं:
• ​चकराता
• ​कालसी
• ​रायपुर
• ​सहसपुर
• ​डोईवाला
• ​विकासनगर