November 29, 2021

अल्मोड़ा: अनियमितताओं के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग को 2 लाख के जुर्माने से किया दण्डित

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अल्मोड़ा वन प्रभाग के द्वाराहाट वन क्षेत्र अन्तर्गत निर्माणाधीन गगास उडीमहादेव-सैलापानी मोटर मार्ग में लोक निर्माण विभाग द्वारा मलुवा निस्तारण (मक डिस्पोजल) में की गयी अनियमितताओं के सम्बन्ध में प्रकरण मा0 हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली में विचाराधीन अजय बिष्ट उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में मा० न्यायालय द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए लोक निर्माण विभाग को रू० 02 लाख के जुर्माने से दण्डित किया गया है।

मार्ग का किया गया दौरा-

उक्त मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2010 में प्राप्त हुई थी, जिसके उपरान्त लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड कटान कार्य प्रारम्भ किया गया किन्तु क्षेत्रवासियों का समरेखन को लेकर भारी विवाद रहा। जिस कारण दस वर्ष बीत जाने के पश्चात भी रोड निर्माण संभव नहीं हो पाया।  इस प्रकरण पर मा० हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून को जाँच करने हेतु निर्देशित किया गया। मा० न्यायालय के उक्त आदेश के अनुपालन में दिनांक 04 मार्च, 2021) टी०सी० नौटियाल, भा०व०से०, द्वारा उक्त मोटर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण / दौरा किया गया।

यह लोग रहे उपस्थित-

जिसमें निरीक्षण / दौरे के दौरान वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा महातिम यादव, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता राजेश कुमार व सहायक अभियन्ता,  खजान सिंह रावत, राजस्व विभाग के लीना चन्द्र, तहसीलदार के साथ भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

पर्यावरण मंत्रालय की जाँच रिपोर्ट के आधार पर मा० हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा निम्न निर्णय / आदेश पारित किये गये, जिसमें-

1. रोड निर्माण जनहित में है किन्तु पर्यावरण नियमों का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

2. मलुवा निस्तारण (मक डिस्पोजल) हेतु लोक निर्माण विभाग हेतु गैर वन क्षेत्र में भूमि चिन्हित की गयी है किन्तु इसमें अभी भी कार्यवाही पूर्ण की जानी अपेक्षित है।

3. लोक निर्माण विभाग द्वारा वन विभाग की देखरेख में मलुवा निस्तारण (मक डिस्पोजल) की कार्यवाही की जाय।

4. अवैध रूप से पातित वृक्षों का अर्थदण्ड जमा किया जाय तथा वन अधिनियम, 1972 के तहत कार्यवाही की जाय।

5. लोक निर्माण विभाग क्षतिपूर्ति के रूप में रू० 02 लाख वन विभाग के पक्ष में एक माह के भीतर जमा करेगा, जिसका प्रयोग वन विभाग क्षेत्र के सुधार में करेगा।