अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में भिकियासैंण क्षेत्र में एक मां को अपने ही बेटों के अत्याचार के खिलाफ न्याय पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। न्यायिक मजिस्ट्रेट भिकियासैंण के आदेश के बाद सल्ट पुलिस ने आरोपी दोनों बेटों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानें पूरा मामला
जानकारी के अनुसार सीमलीहीत रथखाल (मानिला), भिकियासैंण निवासी 52 वर्षीया देवकी देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के अनुसार उनके पति स्वर्गीय प्रह्लाद सिंह सरकारी सेवा में थे, जिनका वर्ष 2017 में निधन हो गया था। उनके दो बेटे, ललित मोहन और प्रियांशु, अक्सर शराब के नशे में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। आरोप है कि दोनों बेटे आए दिन रुपयों की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित करते रहते हैं। देवकी देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते 6 नवंबर को दोनों बेटों ने शराब के नशे में धुत होकर घर में जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने मां के साथ बुरी तरह मारपीट की और घर के सामान में तोड़फोड़ की। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान बेटों ने उनसे 10 हजार रुपये भी लूट लिए।
खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की थी, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट भिकियासैंण की शरण ली, जहाँ से उन्हें राहत मिली है।
पुलिस की कार्रवाई
अदालती आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सल्ट थाना प्रभारी (SO) कश्मीर सिंह ने बताया कि
”न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।