अल्मोड़ा: मतदाता सूची पुनरीक्षण: ‘लोकतंत्र का आधार है वोटर लिस्ट, इसमें न रहे कोई कमी’— कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत

अल्मोड़ा: आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।

की यह बैठक

इसी क्रम में बीते कल शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार, अल्मोड़ा में कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण 2026’ के कार्यों की समीक्षा की गई और इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में सभी दलों से सहयोग की अपील की गई।‌ बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची का परीक्षण करने और अपने सुझाव देने के लिए आवश्यक दस्तावेज सौंपे गए। जिसमें दलों को 14 जुलाई, 2026 को प्रकाशित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदेय स्थलवार आलेख निर्वाचक नामावली (Draft Electoral Roll), ड्राफ्ट सर्विस वोटर सूची और मतदेय स्थलवार सूचियों की हार्ड व सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई गई। राजनीतिक दल इन सूचियों का अपने स्तर पर मिलान कर आवश्यक दावे और आपत्तियां प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने राजनीतिक दलों को अवगत कराया कि निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत ही मतदाता सूची को अपडेट (अद्यतन) किया जा रहा है। अलग-अलग आयु वर्ग के नए मतदाताओं के सत्यापन और उनके जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। सूची में मौजूद किसी भी प्रकार की विसंगति या दोहराव को दूर करने के लिए तेजी से काम चल रहा है।

की यह अपील

कुमाऊँ आयुक्त ने अपील‌ की कि  मतदाता सूची हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे मजबूत आधार है। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि हर एक पात्र मतदाता का नाम इस सूची में शामिल हो और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या त्रुटि न रहे। इसमें राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।

रहे उपस्थित

इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी संजय कुमार सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि और निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।