अल्मोड़ा: मानसून सीजन में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को अल्मोड़ा स्थित जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक (सरप्राइज) निरीक्षण किया।
किया निरीक्षण
इस मौके पर आयुक्त के इस औचक निरीक्षण से केंद्र में हड़कंप मच गया। उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने आपदा प्रबंधन से जुड़े हर पहलू को बारीकी से खंगाला। उन्होंने आपदा संबंधी सूचनाओं के मिलने, उनके दस्तावेजीकरण (रिकॉर्ड संधारण) और उन पर की गई समयबद्ध कार्रवाई से जुड़े विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों की गहन जांच की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्राप्त सूचनाओं का रिकॉर्ड पूरी तरह व्यवस्थित और अद्यतन (अपडेटेड) होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में सूचनाओं का तत्काल संकलन और संबंधित विभागों के साथ प्रभावी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
दिए यह निर्देश
आपदा केंद्र के निरीक्षण के साथ ही आयुक्त ने वहां निर्माणाधीन नए बैठक कक्ष का भी मुआयना किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की। कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों और समन्वय कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
रहें उपस्थित
इस औचक निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ अंशुल सिंह (जिलाधिकारी), युक्ता मिश्र (अपर जिलाधिकारी), विनीत पाल (जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी) उपस्थित रहें।