June 30, 2022

अल्मोड़ा: रामलीला मंच में महिलाओं की धूम, रचा इतिहास

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श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति कर्नाटक खोला अल्मोडा में श्री रामलीला महोत्सव 2021 के अन्तर्गत विशेष रूप से आयोजित की जा रही महिलाओं की रामलीला के तृतीय दिवस को अंगद-रावण संवाद,कुम्भकर्ण वध,मेघनाद-लक्ष्मण संवाद,लक्ष्मण शक्ति,मेघनाद वध,अहिराव वध व रावण वध के साथ -साथ कई नवीन प्रसंगों जिसमें प्रहस्त,दुर्मख एवं मकराक्ष वध, अतिकाय,  देवांतक, नरान्तक एवं त्रिसरा प्रसंग ,कालनेमि वध आदि का भी मंचन किया गया ।

महिलायें इतिहास में अपना नाम बडे़ गौरव के साथ दर्ज कराने में रही सफल-

महिलाओं की रामलीला जिसमें सभी किरदार महिलाअेां द्वारा मंचित किये गये जिसकी धूम पूरी देवभूमि उत्तराखण्ड में सुनायी दी और ये महिलायें इतिहास में अपना नाम बडे़ गौरव के साथ दर्ज कराने में सफल रहीं ।

समिति भविष्य में भी ऐसे नवीन प्रयासों के साथ समाज की रूढियों को दूर करने हेतु प्रयासरत रहेगी-

समिति की इस नयी पहल का सभी ने स्वागत किया और समिति के संस्थापक/संयोजक बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि समिति भविष्य में भी ऐसे नवीन प्रयासों के साथ समाज की रूढियों को दूर करने हेतु प्रयासरत रहेगी । उन्होंने कहा कि रामलीला मंचन में सिर्फ पुरूष ही अभिनय करें और महिलायें नहीं ऐसी पाबंदियों और मिथकों को आज महिलाओं ने मंच के माध्यम से अपने सफल अभिनय व संवाद के द्वारा तोड दिया है । यह महिलाओं की रामलीला केवल एक मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं अपितु महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है । जिससे महिलाओं को अभिव्यक्ति की आजादी मिल रही है और उनका आत्मविश्वास निरन्तर बढ रहा है ।
         
यह अतिथि रहे शामिल-

तृतीय दिवस की लीला का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर श्रीमती शोभा जोशी पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष,श्री गगन जोशी प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाज सेवी ,श्रीमती लक्ष्मी जोशी शिक्षाविद्,श्री मनोज बिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता,श्री राहुल बिष्ट सचिव,व्यापार मण्डल प्रकोष्ठ आदि ने संयुक्त रूप से किया । अपने वक्तव्य में सभी अतिथियों ने समिति एवं संस्थापक/संयोजक बिट्टू कर्नाटक की इस नयी पहल और नारी सशक्तीकरण एवं बालिकाओं के उत्थान के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशसां की ।

कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों का मन मोहा-
       
तृतीस दिवस की लीला में राम की भूमिका में दिव्या पाटनी,लक्ष्मण-किरन कोरंगा,सीता-वैभवी कर्नाटक,रावण-डा.विद्या कर्नाटक,विभीषण-मीना भट्ट,मन्दोदरी-सीता रावत,  सुलोचना-बन्दना जोशी, अतिकाय-सुमित्रा बगडवाल,सुग्रीव-कविता पाण्डे,कुम्भकर्ण-लवी जोशी,मेघनाद-भावना मल्होत्रा,अतिकाय-सुनीता बगडवाल,देवांतक-रीता पाण्डे,नरान्तक-हिमांशी अधिकारी,त्रिसरा-कविता पाण्डे,दुर्मुख-पूजा बगडवाल,प्रहस्त-सीमा रौतेला,मकराक्ष-कंचन पाण्डे,अंगद-हर्षिता तिवारी,हनुमान-मिनाक्षी जोशी,सुषेन बैद्य-किरन आर्या,अहिरावण-रेखा जोशी,मकरघ्वज-मेघना पाण्डे आदि ने अपने सुन्दर अभिनय व गायन से दर्शकों तथा आन-लाईन देख रहे देश-विदेश के दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया । रावण-अंगद संवाद,रावण-कुम्भकर्ण व अहिरावण संवाद,मेघनाद-लक्ष्मण संवाद, हनुमान-मकरध्वज  ने अपने संवादों व अभिनय से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया ।