अल्मोड़ा: नगर निगम अल्मोड़ा की बोर्ड बैठक महापौर अजय वर्मा की अध्यक्षता में देर रात तक आयोजित हुई। जिसमें मध्याह्न 12 बजे शुरू हुई यह मैराथन बैठक करीब 10 घंटे तक चली।
आठ नए पार्षदों ने शपथ ग्रहण किया
जिसमें चालू वित्तीय वर्ष के लिए 37.15 करोड़ रुपये का घाटे का बजट पेश किया गया। बैठक में अनुमानित आय 36 करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई, जबकि व्यय अधिक प्रस्तावित होने के चलते बजट पर गहन चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत उत्तराखंड सरकार द्वारा नामित आठ नए पार्षदों के शपथ ग्रहण से हुई। इसके बाद सभी 40 वार्डों के पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर लगभग 300 प्रस्ताव सदन में रखे।
विकास कार्यों को लेकर हंगामा
बैठक के दौरान विकास कार्यों और फंड की कमी को लेकर पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया। पार्षदों का आरोप था कि पूर्व में दिए गए विकास प्रस्तावों के लिए अब तक धनराशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने अपने-अपने वार्डों की मूलभूत समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। सदन ने अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर आय-व्यय का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बोर्ड बैठक में पास हुए यह प्रस्ताव
• वित्तीय सुधार: निगम की आय बढ़ाने, व्यय पर नियंत्रण के लिए नई नियमावली बनाने और दुकानों के किराए की समीक्षा का निर्णय।
• सड़क व अवसंरचना: क्षतिग्रस्त सड़कों, नालियों, पुलियों, रेलिंग तथा पैदल पुलों का निर्माण।
• सफाई व पर्यावरण: कूड़ा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के साथ पर्यावरण मित्रों (सफाई कर्मचारियों) की संख्या बढ़ाना।
• पार्किंग व यातायात: पार्किंग संचालन समिति का गठन और नई पार्किंग स्थलों के विकास के लिए सर्वे।
• पेयजल व स्ट्रीट लाइट: खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल टैंकरों की व्यवस्था, नई स्ट्रीट लाइटें और विद्युत पोल लगाना।
• पार्षद निधि व भत्ता: प्रत्येक पार्षद को 5 लाख रुपये की विकास निधि और 25,000 रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव।
• अन्य कार्य: आवारा गोवंश के लिए शेल्टर होम का निर्माण, अवैध होर्डिंग्स हटाने, बिना लाइसेंस चल रहे व्यवसायों पर कार्रवाई और पार्कों का सौंदर्यीकरण।
3 पार्षदों ने लिया भत्ता न लेने का फैसला
बैठक में पार्षदों के लिए तत्काल विकास कार्यों हेतु ₹5,00,000/- की निधि और जनसेवा के दौरान खर्चों के लिए ₹5,000/- मासिक भत्ते का प्रस्ताव रखा गया। हालाँकि, बैठक में उपस्थित अमित साह, ज्योति साह और अभिषेक जोशी ने किसी भी प्रकार का भत्ता या प्रतिपूर्ति लेने से साफ़ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड फंड की धनराशि जनहित कार्यों में लगनी चाहिए।
महापौर ने दिया यह आश्वासन
जिस पर महापौर अजय वर्मा ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है। बोर्ड बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा और निगम की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
रहें उपस्थित
इस बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह, प्रशासनिक अधिकारी मुकेश भंडारी, विजय नेगी, शाहिद अली सहित सभी 40 वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे।