महंगाई का डबल अटैक: चावल, चीनी, दाल और तेल के दामों में भारी उछाल, आम आदमी की थाली पर सीधा असर

​देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजारों तक चावल, चीनी, दाल, खाने के तेल और कपास जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

कीमतों में उछाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खाद्य पदार्थों के दामों में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से खराब मौसम, मिडिल-ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ता तनाव और सामान की ढुलाई (फ्रेट कॉस्ट) का महंगा होना बताया जा रहा है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक स्तर पर चावल की कीमतों ने पिछले दो सालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर चावल का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 2.4% तक घट सकता है। भारत में भी इस साल चावल का उत्पादन 6.5% घटकर 15.4 करोड़ टन से 14.4 करोड़ टन रहने का अनुमान है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल के वायदा भाव में 30% से 70% तक की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। चीनी के दामों में भी जुलाई के निचले स्तर से तुलना करें तो लगभग 40% का उछाल आ चुका है। ब्राजील, भारत, थाईलैंड और यूरोपीय संघ (EU) में मौसम की मार के चलते चीनी का उत्पादन 10% से 20% तक घटने की आशंका है। इसके अलावा बीते एक साल में चना 23%, उड़द 24% और मटर 47% तक महंगे हो चुके हैं। दालों के महंगा होने के पीछे सरकार द्वारा आयात (इम्पोर्ट) पर लगाई गई ज्यादा ड्यूटी भी एक प्रमुख वजह है। इसके अलावा जौ में 44%, मक्का में 9% और चाय में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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