23 जून: अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस आज, विधवा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई, जानें कैसे हुई इस दिन की शुरुआत

आज 23 जून 2026 है। आज अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जाता है। विधवाओं की ओर से ध्यान आकर्षित करने और उनके साथियों का सामना करने के लिए हर साल 23 जून  को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस  मनाया जाता है। यह दिवस विधवा महिलाओं की समस्याओं के प्रति समाज में जागरुकता फ़ैलाने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस विधवाओं की स्थिति पर प्रकाश डालता है, जिससे पता चलता है कि उन्हें समाज में किस प्रकार की उपेक्षा एवं दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

यह खास उद्देश्य

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त एक अभियान है जिसका उद्देश्य “कई देशों में लाखों विधवाओं और उनके आश्रितों द्वारा सामना की जाने वाली गरीबी और अन्याय” को संबोधित करना है। यह दिवस प्रतिवर्ष 23 जून को मनाया जाता है। सभी उम्र, क्षेत्र और संस्कृति की विधवाओं की स्थिति को विशेष पहचान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 जून, 2011 को पहली बार अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस की घोषणा की थी, जो प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

जानें इसके बारे में

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस की शुरुआत लूंबा फाउंडेशन ने 2005 में की थी। विश्वभर में विधवाओं की दुर्दशा इस फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य रहा है, जिसकी स्थापना 1997 में हुई थी। इसके संस्थापक राज लूंबा के अनुसार, कई देशों में पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। “सरकार या गैर सरकारी संगठनों द्वारा उनकी देखभाल नहीं की जाती और समाज उन्हें बहिष्कृत कर देता है।” यह पर्व 23 जून को मनाया जाता है क्योंकि लूंबा की मां 1954 में इसी तारीख को विधवा हो गई थीं।