27 जून: National Sunglasses Day: यूवी किरणों से अपनी आँखों को दें सुरक्षा का कवच, जानें क्यों हर मौसम में ज़रूरी है धूप का चश्मा

आज 27 जून 2026 है। आज राष्ट्रीय धूप का चश्मा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हर साल 27 जून को मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को सूरज की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से आंखों की सुरक्षा करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लासेस पहनने के प्रति जागरूक करना है।

जानें इसका उद्देश्य

राष्ट्रीय धूप का चश्मा दिवस पराबैंगनी (यूवी) किरणों से सुरक्षा प्रदान करने वाले धूप के चश्मे और चश्मे पहनने के महत्व को मनाने वाला एक स्मारक दिवस है, जिसे हर साल 27 जून को द विजन काउंसिल द्वारा मनाया जाता है। इस जागरूकता अभियान की शुरुआत The Vision Council द्वारा की गई थी। यूवी किरणें बादलों को भी पार कर सकती हैं, इसलिए धूप के साथ-साथ सर्दियों और बरसात के मौसम में भी सनग्लास पहनना जरूरी है। धूप का चश्मा खरीदते समय हमेशा जांच लें कि वह 100% यूवी सुरक्षा (UV 400) प्रदान करता हो।

खास है महत्व

सूर्य की पराबैंगनी किरणें आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए धूप का चश्मा आंखों की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है। सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणें, खासकर यूवीए और यूवीबी किरणें, फोटोकेराटाइटिस, मोतियाबिंद और मैकुलर डिजनरेशन जैसी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। हालांकि हममें से कई लोग धूप के चश्मे को गर्मियों के सुहाने दिनों से जोड़ते हैं, लेकिन साल भर अपनी आंखों को पराबैंगनी किरणों से बचाना बेहद जरूरी है। पराबैंगनी किरणें बादलों को भेद सकती हैं और पानी, रेत, बर्फ और इमारतों जैसी सतहों से परावर्तित हो सकती हैं। चाहे समुद्र तट पर धूप खिली हो या सर्दियों की दोपहर में बादल छाए हों, धूप का चश्मा पहनने से हानिकारक यूवी किरणों का असर काफी हद तक कम हो जाता है। इसके अलावा, धूप का चश्मा तेज धूप और कृत्रिम रोशनी से आपकी आंखों की रक्षा करता है, जिससे आंखों में होने वाली परेशानी और तनाव कम होता है। नियमित रूप से धूप का चश्मा पहनकर अपनी आंखों की सेहत को प्राथमिकता दें।