January 30, 2023

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अल्मोड़ा: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर कार्यशाला आयोजित

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विधि संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय तथा विधिक सेवा प्राधिकरण  के अंतर्गत आज गुरुवार को विधि संकाय के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय व प्राधिकरण के सचिव रविशंकर मिश्रा, प्रो० एस० बिष्ट एवं संविधिक प्राध्यापक प्रो० डी० के० भट्ट, प्रो० अमित कुमार पंत, डॉ० डी०पी० यादव, डॉ० अरशद हुसैन, प्राध्यापक डॉ० दलबीर लाल, डॉ० पी०एस०बोरा, डॉ० फरहा दीबा, डॉ० रत्नेश सिंह, पुष्पेश जोशी, अवनीश कुमार, वन्दना टम्टा, संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो० शेखर चंद्र जोशी, प्रो०अनिल यादव,  ऑडिट एवं विभागाध्यक्ष वानिकी विभाग, संगीत विभाग के डॉ० वन्दना जोशी, डॉ० शबाना एवं  400 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया।

प्रजातंत्र पर सार्वभौमिक घोषणा,समेत अनेक विषयों पर चर्चा की गई

कार्यशाला को प्रो० नरेन्द्रसिंह भण्डारी कुलपति विश्वविद्यालय , रविशंकर मिश्रा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोडा, प्रो०एस०बिष्ट संकायाध्यक्ष विधि विभाग अरुणो राज सिंह शोध छात्र विधि संकाय, सुश्री अराफीन, सुश्री नेहा पंत, भगवान सिंह चौहान, एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र एवं शुभम मित्रा द्वितीय सेमेस्टर के छात्र द्वारा संबोधित किया गया । जिसमें प्रजातंत्र पर सार्वभौमिक घोषणा, प्रजातंत्र के मूल्यों एवं आदर्शों, भारतीय संविधान के उन प्रावधानों की विधि एवं बहुआयामी उपबन्धों, सशक्त भारतीय प्रजातंत्र के 75 वर्षों की सफल यात्रा एवं उच्चतम न्यायालय न्यायालयों के द्वारा प्रजातांत्रिक मूल्यों के अग्रसारण संबंधी निर्णयों एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की संरक्षा के सापेक्ष दिए गये निर्णयों, संविधानिक एवं प्रजातांत्रिक मानकों के आधार पर सीमित सरकार की संकल्पना, न्यायिक का प्रजातान्त्रीकरण एवं उदारीकरण, लोक हित वादों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सूचना अधिकार आदि विषयों पर चर्चा कर वक्ताओं ने विधि छात्रों का आह्वान किया

त्रिस्तरीय स्थानीय स्वशासन के माध्यम से प्रजातंत्र के विकेन्द्रीकरण तथा भारतीय प्रजातंत्र एवं प्रजातांत्रिक संस्थाओं के समझ आ रही नीतियों जैसे भ्रष्टाचार, राजनीति का अपराधीकरण, चुनावों में धनबल एवं जनबल का प्रयोग, लोकपाल एवं लोकी नियुक्तियों के न किये जाने, अन्वेषण एवं जाँच एजेन्सियों के कार्यों में हस्तक्षेप न किये जाने, राजनेताओं एवं लोक सेवकों की परिसम्पत्तियों जबरन प्रकटन एवं आय का मूल्यांकन, प्रजातंत्र के विभिन्न संस्थानों, लोक कार्यालय एवं उपक्रमों में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए सूचना अधिकार का प्रयोग, भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सूचना अधिकार आदि विषयों पर चर्चा कर वक्ताओं ने विधि छात्रों का आह्वान करते हुए उन्हें अपने शैक्षिक एवं व्यावसायिक कुशलता का प्रयोग प्रजातंत्र एवं प्रजातंत्रिक संस्थाओं की चुनौतियों का सामना करने एवं इन संस्थानों एवं प्रजातंत्रिक अभ्यास में आ रहे दोषों एवं कमियों के खिलाफ यथोचित न्यायिक उपचारों का प्रयोग करने के लिये आहवान किया, ताकि इन संस्थानों में आ रहे क्षरण को रोकने हेतु यथोचित कार्यवाही की जा सके। कार्यशाला का संचालन नमन जोशी एवं पल्लवी पंत ने किया। कार्यशाला को सफल बनाने के लिये गुप्ता की टीम के सार्थक प्रयास सराहनीय रहे।